Anulom Vilom Kaise Kare

Anulom Vilom Kaise Kare | अनुलोम विलोम प्राणायाम कैसे करे

Spread the love
Anulom Vilom Kaise Kare
Anulom Vilom Kaise Kare

Anulom Vilom Kaise Kare | अनुलोम विलोम प्राणायाम कैसे करे

Anulom Vilom Kaise Kare: दोस्तों आज हम आपको अनुलोम विलोम कैसे करें। इसके बारे में पूरी जानकारी देने वाले हैं। इस जानकारी के द्वारा आप बड़ी ही आसानी से इस महत्वपूर्ण प्राणायाम को कर पाएंगे और इस प्राणायाम से जुड़े बहुत से लाभों को उठा पाएंगे। 

अभी कुछ समय से लोगों को प्राणायाम और योगासन का महत्व पता चल चुका है। जिसके कारण बहुत से व्यक्ति प्राणायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल कर चुके हैं। लेकिन अभी भी बहुत से ऐसे लोग हैं। जिन्हें प्राणायाम के बारे में बहुत कम जानकारी है। इन प्राणायाम में भी सबसे महत्वपूर्ण प्राणायाम जिसको ज्यादातर युवा और बुजुर्ग करते हैं। वह है अनुलोम विलोम और कपालभाति प्राणायाम।

अनुलोम विलोम क्या है ?

अनुलोम विलोम एक प्राणायाम है। जिसके द्वारा शरीर की नाड़ियों का शोधन किया जाता है। इसके नियमित प्रयोग के द्वारा शरीर विभिन्न प्रकार की जटिल बीमारियों से मुक्त होकर शरीर में प्राणवायु का भरपूर संचार होता है। इस प्राणायाम में नाक के द्वारा सांस को अंदर और बाहर किया जाता है। जिसको सही ढंग से करने पर अद्भुत परिणाम देखने को मिलते है।

Anulom Vilom Kaise Kare in Hindi | अनुलोम विलोम कैसे करें

  • अनुलोम विलोम प्राणायाम करने का सही समय प्रातः काल का होता है। जिस समय आपका मन भी शांत रहता है। अनुलोम विलोम करने के लिए आपको जमीन पर एक चटाई या आसन बिछा लेना है। जिस पर आपको आराम से सुखासन में बैठ जाना है।
  • इसके बाद आपको अपने दाएं हाथ के अंगूठे से अपनी दाईं नासिका के छिद्र को बंद कर लेना है और बाई नासिका से साँस को अंदर लेना है। आपको तब तक साँस को अंदर लेना है। जब तक आप के फेफड़े हवा से भर ना जाए।
  • इसके बाद आपको 5 तक गिनती करनी है। फिर अंगूठे के साथ वाली दो उंगलियों की सहायता से बाई नासिका को बंद कर लेना है और अंगूठे से बंद दाई नासिका को खोल लेना है।
  • अब आपने जो हवा फेफड़े में भरी थी। वह दाईं नासिका से धीरे धीरे बाहर निकालनी है।
  • इसके बाद आपको दाईं नासिका से सांस को अंदर खींचना है। उसको कुछ सेकंड तक रोकने के बाद अंगूठे से दाईं नासिका बंद करके बाएं नासिका खोल लेनी है।
  • अब फेफड़ों में भरी हवा को आपको बाएं नासिका से धीरे धीरे बाहर निकाल देना है। आप यह प्रक्रिया शुरुआत में 10 मिनट के लिए कर सकते हैं।
  • कुछ दिनों के अभ्यास के बाद आप इस अनुलोम विलोम की प्रक्रिया को आधे घंटे तक भी ले जा सकते हैं।

Anulom Vilom Ke Fayde | अनुलोम विलोम प्राणायाम के फायदे

अनुलोम विलोम प्राणायाम करने से आपको अनेक लाभ अपने शरीर में देखने को मिलते हैं। इसके अलावा यह बहुत सी बीमारियों को खत्म करने वाला प्राणायाम है। इसके कुछ विशेष लाभ नीचे दिए गए हैं।

  • अनुलोम विलोम प्राणायाम इस तनाव भरे जीवन में शांति प्रदान करने वाला आसन है।
  • इससे सभी तनाव और डिप्रेशन जैसी समस्याओं से निजात मिलता है।
  • अनुलोम विलोम प्राणायाम माइग्रेन की समस्या के लिए भी बहुत उपयोगी है।
  • अनुलोम विलोम प्राणायाम से हवा फेफड़ों में भर्ती है। जिससे आपके फेफड़े मजबूत बनते हैं।
  • इस प्राणायाम के द्वारा शरीर के रक्त की शुद्धि होती है।
  • नियमित प्राणायाम के करने से कमजोर पाचन प्रक्रिया दुरुस्त होकर भूख बढ़ती है।
  • यह प्राणायाम व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। जिससे किसी भी प्रकार की छोटी मोटी मौसमी बीमारियों से शरीर की रक्षा होती है।
  • इस प्राणायाम के करने से चेहरे पर तेज बढ़ता है और मुहासे आदि दूर होते हैं।
  • यदि आप किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं तो उस बीमारी के सही इलाज के साथ नियमित रूप से आधा घंटा अनुलोम विलोम प्राणायाम करने से वह बीमारी तेजी से ठीक होने लगती है।

Final words:

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारे द्वारा ऊपर दी गई जानकारी अनुलोम विलोम कैसे करें पसंद आई होगी आप इस जानकारी को अपने दोस्तों या रिश्तेदारों के साथ शेयर कर सकते हैं जिससे वह भी इस महत्वपूर्ण प्राणायाम के बारे में जानकर उसका लाभ उठा सकें।

Read also:

Mobile Phone Kya Hai | Mobile Phone Ke Labh Or Hani 2021

Duniya Ka Sabse Bada Desh Kaun Sa Hai | दुनिया का सबसे बड़ा देश कौन सा है

Paytm KYC Kaise Kare Ghar Baithe 2021 | पेटीएम केवाईसी कैसे करे

SSC Kya Hai | SSC Ki Taiyari Kaise Kare

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *